क्या सालों तक अलग रहना तलाक का आधार है? मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

चेन्नई: वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों में मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि यदि पत्नी लंबे समय तक पति से अलग रहे, वैवाहिक जिम्मेदारियों की लगातार अनदेखी करे और पति के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज कराए, तो ऐसी परिस्थितियों को मानसिक क्रूरता (Mental Cruelty) माना जा सकता है।

कोर्ट ने माना कि ऐसे मामलों में पति को तलाक मांगने का अधिकार मिल सकता है।

क्या है पूरा मामला?

मामला एक पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद से जुड़ा था। पति ने अदालत को बताया कि शादी के बाद पत्नी का व्यवहार लगातार आक्रामक रहा। उसने आरोप लगाया कि पत्नी अक्सर उस पर शक करती थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी।

पति ने यह भी कहा कि वर्ष 2015 से वह अपनी दोनों बेटियों की अकेले परवरिश कर रहा है और पत्नी लंबे समय से उससे अलग रह रही है।

पत्नी के खिलाफ क्या आरोप थे?

  • लंबे समय तक अलग रहना
  • वैवाहिक जिम्मेदारियों की अनदेखी
  • पति के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज कराना
  • मानसिक तनाव और प्रताड़ना देना

पति का कहना था कि इन परिस्थितियों ने वैवाहिक संबंध पूरी तरह समाप्त कर दिए।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस जी. के. इलंथिरैयन और जस्टिस आर. पूर्निमा की खंडपीठ ने कहा कि विवाह केवल कानूनी संबंध नहीं, बल्कि विश्वास, सहयोग और भावनात्मक समर्थन का संबंध भी है।

कोर्ट ने माना कि लगातार अलगाव और झूठे/गंभीर आपराधिक मामलों से पति पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ सकता है।

अदालत ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए पति की तलाक अपील स्वीकार कर ली।

मानसिक क्रूरता क्या होती है?

मानसिक क्रूरता वह स्थिति है जब एक जीवनसाथी के व्यवहार से दूसरे को लगातार मानसिक पीड़ा, तनाव या असहनीय दबाव झेलना पड़े।

  • बार-बार अपमान करना
  • बिना आधार गंभीर आरोप लगाना
  • लगातार अलग रहना
  • कानूनी मामलों में अनावश्यक उलझाना

फैसले का महत्व

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला तलाक और वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। इससे अदालतों को मानसिक क्रूरता की व्याख्या में स्पष्ट दिशा मिलती है।

निष्कर्ष

मद्रास हाईकोर्ट का यह फैसला बताता है कि विवाह में केवल साथ रहना ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, सम्मान और मानसिक संतुलन भी जरूरी है। यदि संबंध लगातार मानसिक पीड़ा का कारण बन जाए, तो अदालत तलाक को उचित मान सकती है।


FAQ

प्रश्न: क्या लंबे समय तक अलग रहना तलाक का आधार हो सकता है?
उत्तर: हाँ, परिस्थितियों के अनुसार यह मानसिक क्रूरता माना जा सकता है।

प्रश्न: फैसला किस कोर्ट ने दिया?
उत्तर: मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ।

प्रश्न: कोर्ट ने किस आधार पर तलाक दिया?
उत्तर: मानसिक क्रूरता और लंबे अलगाव के आधार पर।

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