नई दिल्ली: देश के जाने-माने पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का एक बेहद भावुक और विचारणीय वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और हालिया राष्ट्रीय परीक्षाओं (जैसे NEET) में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होकर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके इस अनशन का आज सातवां दिन (Day 7) है, जहां से उन्होंने देश के नाम एक बड़ा संदेश जारी किया है।
सिर्फ नमक और पानी पर बीते 7 दिन: स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
सोनम वांगचुक ने अपने वीडियो में बताया कि पिछले एक हफ्ते से वे केवल नमक और पानी के सहारे अनशन पर हैं। लंबे समय तक भूखे रहने के कारण उनके शरीर में काफी थकान आ चुकी है। उन्होंने बेहद भावुक लहजे में कहा, "थोड़ा थके हुए हैं, मुझे नहीं पता और कितने दिन मैं बोल पाऊँगा।" उनके गिरते स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों और आंदोलनकारियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जबरदस्ती हटाए जाने का डर
वीडियो के दौरान सोनम वांगचुक ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी खबरें मिल रही हैं कि प्रशासन या पुलिस द्वारा उन्हें जंतर-मंतर के धरना स्थल से जबरदस्ती हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन, जो कि नागरिकों का एक संवैधानिक अधिकार है, अगर उसे भी दबाने का प्रयास किया जाता है, तो शायद यह प्रशासनिक कार्रवाई ही पूरे देश की जनता को जगाने का काम करेगी।
मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी के अंदाज में सरकार पर तंज
अपने वक्तव्य के अंतिम हिस्से में उन्होंने मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब के एक ऐतिहासिक शेर को बेहद रचनात्मक रूप से देश की वर्तमान व्यवस्था पर फिट बैठते हुए पेश किया।
ग़ालिब का मूल शेर:
"मस्जिद में ही पीने दे ग़ालिब, या कोई ऐसी जगह बता जहाँ खुदा ना हो।"
सोनम वांगचुक ने इसे बदलकर सरकार के सामने अपनी बात रखी:
"जंतर-मंतर पे ही रहने दे सरकार, या कोई ऐसी जगह बता जहाँ दफ़ा ना हो।"
इसके माध्यम से उन्होंने यह दर्शाने का प्रयास किया है कि जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों के लिए एक तय संवैधानिक जगह है, यदि सरकार और कानून हर जगह तरह-तरह की धाराएं (दफा) और नियम लगाकर जनता की आवाज दबाएंगे, तो लोकतंत्र में आम इंसान अपनी बात रखने कहाँ जाएगा?
वीडियो संदर्भ और क्रेडिट (Video Credit): यह पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित मूल वीडियो संदेश पर आधारित है। आप इस आंदोलन और उनके आधिकारिक वक्तव्य का पूरा वीडियो देखने के लिए उनके फेसबुक पोस्ट के इस आधिकारिक लिंक पर जा सकते हैं: Watch Official Video on Facebook
