US-Iran War: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा - 'आज रात फिर होगा ईरान पर हमला, युद्धविराम खत्म'
US-Iran War Breaking News: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन में एलान किया है कि दोनों देशों के बीच का युद्धविराम अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और आज रात अमेरिका फिर से भीषण हमला कर सकता है।
वैश्विक राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। तुर्की के अंकारा में आयोजित दो दिवसीय नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से जो समझौता ज्ञापन (MoU) साइन हुआ था, वह अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: 'ईरान के नेता बीमार हैं'
नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान जब मीडिया ने डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू होने की संभावना पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा, "हमने कल रात उन पर जोरदार हमला किया था। संभवतः आज रात भी हम उन पर फिर से भीषण हमला करेंगे।"
ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए ट्रंप ने कहा, "मेरे विचार से यह समझौता अब खत्म हो चुका है। मैं उनसे कोई बातचीत नहीं करना चाहता। वे नीच हैं, वे बीमार लोग हैं और उनका नेतृत्व भी बीमार लोगों के हाथ में है।"
क्यों भड़का अमेरिका? जानिए हमले की असली वजह
अमेरिका और ईरान के बीच इस ताजा टकराव की मुख्य वजह होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक (कमर्शियल) जहाजों पर हुए हमले हैं। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इसके साथ ही अमेरिका ने एक बड़ा आर्थिक कदम उठाते हुए ईरान को वैश्विक बाजार में कच्चा तेल (Crude Oil) खुले तौर पर बेचने की अनुमति देने वाले विशेष लाइसेंस को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
ईरान का पलटवार: 85 अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिका के इस हमले के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में स्थित लगभग 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा किए गए युद्धविराम के उल्लंघन का जवाब है।
खार्ग द्वीप पर कब्जे की धमकी और सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति यहीं नहीं रुके, उन्होंने इस बार आर-पार की जंग के संकेत दे दिए हैं। ट्रंप ने धमकी दी है कि अमेरिकी सेना अब ईरान के आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी ढांचे (Civilian Infrastructure) को भी निशाना बना सकती है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल हब यानी खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जा करने की कोशिश करने की भी खुली चेतावनी दी है।
निष्कर्ष: दुनिया पर क्या होगा इसका असर?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव दुनिया को एक बड़े संकट की ओर धकेल सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे प्रमुख तेल सप्लाई रूट है। अगर यहां युद्ध की स्थिति लंबी खिंचती है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ेगा।
